हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, भारत भर में ईरान की मदद और समर्थन के लिए आम लोगों के स्तर पर असाधारण उत्साह देखने को मिल रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में पुरुष-महिलाएं, नौजवान-बुजुर्ग, यहां तक कि बच्चे भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग इंसानी हमदर्दी के जज़्बे के तहत ईरान की मदद के लिए आर्थिक और भौतिक सहयोग मुहैया करा रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, जिन लोगों के पास जेवरात हैं वह उन्हें दान कर रहे हैं, जबकि अन्य लोग अपना कीमती सामान यहां तक कि घरेलू बर्तन तक मदद के तौर पर पेश कर रहे हैं। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर नकद रकम भी जमा की जा रही है। बच्चों ने भी इस नेक काम में अहम भूमिका अदा करते हुए अपनी जेबखर्च और गुल्लक में जमा रकम दान की है, जो उनकी ईमानदारी और हमदर्दी के जज़्बे को दर्शाता है।

भारत में ईरानी दूतावास की ओर से आम लोगों की मदद के लिए एक क्यूआर कोड भी जारी किया गया है, जिसके जरिए लोग सीधे आर्थिक सहयोग मुहैया करा रहे हैं। इस अभियान में विभिन्न धर्मों से ताल्लुक रखने वाले लोगों ने हिस्सा लिया है, और कई गैर-मुस्लिम नागरिकों ने भी ईरान के समर्थन में एकजुटता का इज़हार किया है।

कश्मीर में उल्लेखनीय जनता का रुख
भारत के अधीन कश्मीर के विभिन्न जिलों, खासतौर पर बारामूला और बडगाम में ईरान के समर्थन में आम लोगों की सक्रियताएं काबिल-ए-ज़िक्र हैं। यहां महिलाओं की ओर से जेवरात दान करने के वाकये सामने आए हैं, जबकि कुछ लोगों ने अपनी निजी गाड़ियां तक ईरान की मदद के लिए समर्पित कर दी हैं।
देहाती इलाकों में लोगों ने अपने मवेशी पेश करके भी असाधारण ईसार का मुजाहिरा किया है, जो उनकी अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा होते हैं। नौजवान तबका भी पीछे नहीं रहा और कई नौजवानों ने अपनी मोटरसाइकिलें और अन्य कीमती चीजें दान की हैं।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, कश्मीर में अब तक ईरान की मदद के लिए लगभग छह करोड़ रुपये जमा किए जा चुके हैं, जो आम लोगों के स्तर पर पाई जाने वाली हमदर्दी और एकजुटता का साफ सबूत है।
अन्य इलाकों में भी मदद की सक्रियताएं
भारत के अन्य इलाकों में भी इसी तरह की सक्रियताएं देखने को मिल रही हैं, जहां लोग विभिन्न जरियों से मदद मुहैया करा रहे हैं। लोगों का कहना है कि वह धार्मिक और इंसानी हमदर्दी की बुनियाद पर ईरान की मदद कर रहे हैं, क्योंकि ईरान इस वक्त मुश्किल हालात से गुजर रहा है।
टिप्पणीकारों के मुताबिक यह जनता का रुख न केवल दोनों मुल्कों के बीच ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है, बल्कि मुश्किल हालात में इंसानियत, ईसार और आपसी सहयोग की एक रोशन मिसाल भी पेश करता है।
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